
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (Consumer Price Index – CPI) एक महत्वपूर्ण आर्थिक सूचकांक है जो उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है। यह वस्तुओं और सेवाओं के खरीदारों को संदर्भित करता है और उनकी जीवन प्रणाली की लागत को मापता है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स या सी पी आई रिटेल यानी खुदरा बाजार में कीमत के बदलाव को ट्रैक करता है। एक ग्राहक के लिए या आम आदमी के लिए सीपीआई या कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स ही महत्वपूर्ण होता है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को नापने के लिए बहुत सारी गणनाएं करनी पड़ती है क्योंकि इसमें उपभोग को ग्रामीण और शहरी तथा इस तरह की और बहुत सारे वर्गों में बांटा जाता है। इस तरह के हर वर्ग का अपना एक इंडेक्स होता है और इन सारे इंडेक्स को मिलाकर एक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई तैयार किया जाता है।कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में बहुत सारी जानकारियां होती हैं। अर्थव्यवस्था का हाल जानने के लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण सूचकांक है। राष्ट्रीय स्तर पर सांख्यिकी और प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मंत्रालय हर महीने के दूसरे सप्ताह में सीपीआई(CPI) के नंबर जारी करता है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है। यह उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी क्रय शक्ति और उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित करता है।
- उद्देश्य:
- उपभोक्ता मूल्य प्रवृत्तियाँ का मापन: CPI का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता मूल्य प्रवृत्तियों को मापना है जिससे उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति को समझा जा सके।
- नीति निर्माण: CPI आर्थिक नीतियों को निर्धारित करने में सहायक होता है, जैसे कि मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का निर्धारण।
- वित्तीय योजना बनाना: सरकारों और वित्तीय निकायों के लिए वित्तीय योजना तैयार करने में मदद करता है।
- मापने की विधि:
- बास्केट ऑफ गुड्स और सर्विसेज: CPI में उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं का एक बास्केट तैयार किया जाता है, जिसमें उपभोक्ताओं द्वारा अधिकतम खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की समृद्धि शामिल होती है।
- वजनित मानक: हर उत्पाद को एक वजनित मानक दिया जाता है, जिससे महत्वपूर्ण उत्पादों की खरीदी में उनका महत्व दर्शाया जा सकता है।
- आधार वर्ष: एक आधार वर्ष की तुलना में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें मापी जाती हैं।
- प्रभाव:
- उपभोक्ता क्रय शक्ति पर प्रभाव: CPI की वृद्धि करती है, तो यह उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को कम करती है।
- नीति निर्माण पर प्रभाव: CPI नीति निर्माताओं को उपभोक्ताओं के मूल्य प्रवृत्तियों के प्रति संवेदनशीलता प्रदान करता है
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है। यह उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी क्रय शक्ति और उपभोक्ता व्यवहार को प्रभावित करता है।
