
कैंडलस्टिक की संरचना स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग और तकनीकी विश्लेषण के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह एक विशेष समयावधि के भीतर स्टॉक की कीमतों में होने वाले बदलावों को दर्शाने का एक तरीका है। कैंडलस्टिक चार्ट को समझने के लिए हमें इसके मुख्य घटकों को जानना आवश्यक है:
- बॉडी (Body): कैंडलस्टिक का मुख्य हिस्सा, जिसे बॉडी कहते हैं, जो ओपन और क्लोज कीमतों के बीच के अंतर को दर्शाता है।
- होलो बॉडी (हॉलो बॉडी): यदि क्लोज कीमत ओपन कीमत से अधिक है, तो बॉडी होलो (खाली) होती है और इसे बुलिश कैंडल कहा जाता है।
- फिल्ड बॉडी (भराव बॉडी): यदि क्लोज कीमत ओपन कीमत से कम है, तो बॉडी फिल्ड (भरी हुई) होती है और इसे बियरिश कैंडल कहा जाता है।
- विक (Wick) या शैडो (Shadow): कैंडलस्टिक के ऊपर और नीचे की पतली लाइनों को विक या शैडो कहा जाता है। ये उच्चतम और निम्नतम कीमतों को दर्शाते हैं।
- अपर विक (Upper Wick): यह ओपन/क्लोज और उच्चतम कीमत के बीच की दूरी को दर्शाता है।
- लोअर विक (Lower Wick): यह ओपन/क्लोज और निम्नतम कीमत के बीच की दूरी को दर्शाता है।
- ओपन (Open): यह उस समयावधि की प्रारंभिक कीमत को दर्शाता है।
- क्लोज (Close): यह उस समयावधि की अंतिम कीमत को दर्शाता है।
कैंडलस्टिक के प्रकार
कैंडलस्टिक चार्ट विभिन्न प्रकार की कैंडलस्टिक पैटर्न से बना होता है, जो बाजार की स्थितियों और संभावित भविष्य के रुझानों को दर्शाता है। कुछ प्रमुख पैटर्न हैं:
- डोजी (Doji): जब ओपन और क्लोज कीमत लगभग समान होती हैं।
- हैमर (Hammer): यह तब बनता है जब लंबी लोअर विक और छोटी बॉडी होती है।
- इनवर्टेड हैमर (Inverted Hammer): यह उल्टा हैमर जैसा दिखता है, जिसमें लंबी अपर विक और छोटी बॉडी होती है।
- बुलिश एंगुल्फिंग (Bullish Engulfing): जब एक छोटी बियरिश कैंडल के बाद एक बड़ी बुलिश कैंडल आती है।
- बियरिश एंगुल्फिंग (Bearish Engulfing): जब एक छोटी बुलिश कैंडल के बाद एक बड़ी बियरिश कैंडल आती है।
