
कॉर्पोरेट बजट (Corporate Budget) एक विस्तृत वित्तीय योजना है जो किसी कंपनी या संगठन के लिए निर्धारित अवधि (आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष) के दौरान अपेक्षित आय और व्यय का विवरण प्रदान करती है। यह बजट कंपनी की आर्थिक गतिविधियों, निवेश, उत्पादन, और परिचालन लागतों को व्यवस्थित करने और नियंत्रित करने में मदद करता है।
कॉर्पोरेट बजट एक वित्तीय दस्तावेज है जो कंपनी की आय, व्यय, और नकदी प्रवाह का प्रबंधन करता है। इसमें सभी विभागों और कार्यों के लिए वित्तीय योजनाएँ शामिल होती हैं।
- उद्देश्य:
- वित्तीय प्रबंधन: कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रबंधित करना और इसे सही दिशा में ले जाना।
- लक्ष्य निर्धारण: वित्तीय लक्ष्यों को निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने की योजना बनाना।
- प्रदर्शन मापन: कंपनी के विभिन्न विभागों के प्रदर्शन को मापना और उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना।
- खर्च नियंत्रण: खर्चों पर नियंत्रण रखना और अनावश्यक खर्चों को कम करना।
- बजट की संरचना:
- राजस्व बजट (Revenue Budget): इसमें कंपनी की सभी संभावित आय का विवरण होता है, जैसे कि बिक्री से होने वाली आय, सेवाओं से होने वाली आय, और अन्य स्रोतों से होने वाली आय।
- व्यय बजट (Expenditure Budget): इसमें कंपनी के सभी संभावित खर्चों का विवरण होता है, जैसे कि उत्पादन लागत, कर्मचारी वेतन, विपणन खर्च, और प्रशासनिक खर्च।
- पूंजी बजट (Capital Budget): इसमें कंपनी के दीर्घकालिक निवेशों का विवरण होता है, जैसे कि नए उपकरणों की खरीद, भवन निर्माण, और अन्य पूंजीगत परियोजनाएँ।
- नकदी प्रवाह बजट (Cash Flow Budget): इसमें कंपनी के नकदी प्रवाह का विवरण होता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी समय कंपनी के पास पर्याप्त नकदी हो।
- बजट बनाने के चरण:
- आय का अनुमान: सभी संभावित आय स्रोतों का अनुमान लगाना।
- व्यय का अनुमान: सभी संभावित खर्चों का अनुमान लगाना।
- विभागीय इनपुट: विभिन्न विभागों से उनके बजट की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी लेना।
- बजट का समेकन: सभी विभागीय बजट को मिलाकर एक समेकित बजट बनाना।
- प्रस्ताव और अनुमोदन: बजट को शीर्ष प्रबंधन या निदेशक मंडल को प्रस्तुत करना और अनुमोदन प्राप्त करना।
- नियंत्रण और समायोजन: बजट को नियमित रूप से समीक्षा और समायोजित करना।
- प्रभाव:
- वित्तीय स्थिरता: कॉर्पोरेट बजट कंपनी की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने में मदद करता है।
- रणनीतिक योजना: यह कंपनी की रणनीतिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करता है।
- प्रदर्शन सुधार: यह विभिन्न विभागों के प्रदर्शन को मापने और सुधारने में सहायक होता है।
- जोखिम प्रबंधन: बजट कंपनी को वित्तीय जोखिमों का प्रबंधन करने और उन्हें कम करने में मदद करता है।
उदाहरण:
मान लीजिए एक कंपनी का वार्षिक कॉर्पोरेट बजट इस प्रकार हो सकता है:
- राजस्व बजट:
- बिक्री आय: 10 करोड़ रुपये
- सेवाओं से आय: 2 करोड़ रुपये
- व्यय बजट:
- उत्पादन लागत: 5 करोड़ रुपये
- कर्मचारी वेतन: 2 करोड़ रुपये
- विपणन खर्च: 1 करोड़ रुपये
- प्रशासनिक खर्च: 50 लाख रुपये
- पूंजी बजट:
- नए उपकरण की खरीद: 1 करोड़ रुपये
- भवन निर्माण: 1.5 करोड़ रुपये
- नकदी प्रवाह बजट:
- नकदी प्रवाह अनुमान: 1 करोड़ रुपये प्रति तिमाही
कॉर्पोरेट बजट एक कंपनी के वित्तीय प्रबंधन का महत्वपूर्ण उपकरण है जो आय, व्यय, और नकदी प्रवाह का प्रबंधन करने में मदद करता है। यह कंपनी के वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने, विभिन्न विभागों के प्रदर्शन को मापने, और अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक व्यवस्थित और सही तरीके से बनाया गया कॉर्पोरेट बजट कंपनी की दीर्घकालिक सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करता है।
