
पियर्सिंग पैटर्न (The Piercing Pattern)
पियर्सिंग पैटर्न एक महत्वपूर्ण कैंडलस्टिक पैटर्न है जो ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देता है और बाजार में उम्मीद स्थापित करता है कि वर्तमान डाउनट्रेंड के बाद एक उन्नति की संभावना हो सकती है। यह पैटर्न बुलिश (Bullish) होता है और यह विशेष रूप से व्यापारी और निवेशकों के बीच प्रचलित है जो कीमत के मुकाबले विशेष ध्यान रखते हैं।
पियर्सिंग पैटर्न की संरचना
पियर्सिंग पैटर्न दो कैंडल्स से बनता है: एक बेयरिश (Bearish) कैंडल और एक बुलिश (Bullish) कैंडल। ये दोनों कैंडल्स एक के बाद एक होते हैं और बाजार की प्रवृत्ति को बताने में मदद करते हैं।
1. बेयरिश कैंडल (Bearish Candle):
- रियल बॉडी (Real Body): यह कैंडल की ऊंचाई और कमी को दर्शाता है, जो ओपन और क्लोज प्राइस के बीच का फर्क होता है।
- ऊपरी शैडो (Upper Shadow): यह कैंडल की सबसे ऊंची कीमत को दर्शाता है जिसे बाजार में उस समय दर्ज किया गया था।
- निचली शैडो (Lower Shadow): यह कैंडल की सबसे कम कीमत को दर्शाता है जिसे बाजार में उस समय दर्ज किया गया था।
2. बुलिश कैंडल (Bullish Candle):
- रियल बॉडी (Real Body): यह कैंडल की ऊंचाई और कमी को दर्शाता है, जो ओपन और क्लोज प्राइस के बीच का फर्क होता है।
- निचली शैडो (Lower Shadow): यह कैंडल की सबसे कम कीमत को दर्शाता है जिसे बाजार में उस समय दर्ज किया गया था।
- ऊपरी शैडो (Upper Shadow): यह कैंडल की सबसे ऊंची कीमत को दर्शाता है जिसे बाजार में उस समय दर्ज किया गया था।
पियर्सिंग पैटर्न के महत्वपूर्ण तत्व
- पहला कैंडल (Bearish Candle): यह कैंडल बाजार में एक डाउनट्रेंड का संकेत देता है और बिकवाली के दबाव को दिखाता है।
- दूसरा कैंडल (Bullish Candle): यह कैंडल पहले कैंडल के बाद आता है और दर्शाता है कि बुलिश संदेश में उम्मीद हो सकती है। इसका क्लोज प्राइस पहले कैंडल की ऊंचाई से ऊपर होता है, जो बुलिश संकेत के रूप में विचार किया जाता है।
पियर्सिंग पैटर्न के महत्व
- ट्रेंड रिवर्सल: पियर्सिंग पैटर्न एक सकारात्मक ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देता है, जिससे ट्रेडर्स को बाजार के संभावित पलटाव की सूचना मिलती है।
- विश्लेषण के साथ मिलान: यह पैटर्न अन्य तकनीकी संकेतकों के साथ मिलाकर उपयोग किया जाना चाहिए, जैसे कि मूविंग एवरेजेस या और ऑसिलेटर्स, ताकि सत्यापन किया जा सके कि एक स्थिर रूप से बाजार की स्थिति क्या है।
