
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल ट्रेडिंग में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और इन्हें समझना ट्रेडर्स को बाजार की गतिशीलता को समझने में मदद करता है। ये लेवल्स तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से निर्धारित किए जाते हैं और व्यापारिक निर्णय में सहायक होते हैं।
सपोर्ट (Support) लेवल
- परिभाषा: सपोर्ट लेवल एक ऐसा मूल्य स्तर होता है जहां एक शेयर या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) की कीमत की गिरावट रोकती है और इसके बदले में वहां से दोबारा उच्चाई की दिशा में उछाल आती है।
- समझाव: सपोर्ट लेवल को विश्लेषण के दौरान पिछली गिरावटों के आधार पर निर्धारित किया जाता है और यह वह स्तर होता है जहां निवेशक विश्वास करते हैं कि शेयर की कीमत गिरने के बाद फिर से उच्च जा सकती है।
रेजिस्टेंस (Resistance) लेवल
- परिभाषा: रेजिस्टेंस लेवल वह मूल्य स्तर होता है जहां एक शेयर या ETF की कीमत की ऊंचाई रोकती है और इसके बाद वहां से निचले की दिशा में मुकाबला करती है।
- समझाव: रेजिस्टेंस लेवल को ट्रेडिंग पैटर्न्स, चार्ट पैटर्न्स, और तकनीकी संकेतकों के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और यह वह स्तर होता है जहां ट्रेडर्स की भावनाएं बदलती हैं और बिक्री की दिशा में उछाल देखने को मिल सकती है।
लाइन बनाना
- तकनीकी विश्लेषण: सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स को चार्ट पर लाइन के रूप में दर्शाने के लिए, ट्रेडर्स चार्ट पर ट्रेंडलाइन्स या हाई-लो रेंज के माध्यम से इन लेवल्स को दिखा सकते हैं।
- सापेक्षिकता: सपोर्ट लेवल्स को निचली सीमा के रूप में, जबकि रेजिस्टेंस लेवल्स को ऊपरी सीमा के रूप में चार्ट पर दिखाया जा सकता है।
- निर्णय लेना: ट्रेडर्स इन लाइन्स की मदद से निवेश के समय और बिक्री के समय का निर्णय लेते हैं, जो विपरीत पलटावों को पकड़ने में मदद करता है।
इस प्रकार, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स को समझना और लाइन बनाना ट्रेडिंग की सामर्थ्य और सटीकता में सुधार करने में मदद करता है और व्यापारिक निर्णयों को मजबूती प्रदान करता है।
